बरसात की बड़ी आफत: क्यों बनती जा रही है तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय बाढ़ का गढ़?
क्या आप जानते हैं कि हर बरसात के साथ तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में क्लास और परीक्षाएं टल जाती हैं? कारण सिर्फ एक — बाढ़ का पानी और प्रशासन की अनदेखी।
समस्या की जड़
15.48 करोड़ रुपये का अनुमान सरकार को भेजा गया था ताकि सुरक्षा दीवार बनाई जा सके, लेकिन काम अब तक शुरू नहीं हुआ। हर साल की तरह इस बार भी पानी ने पढ़ाई और छात्रों के भविष्य पर पानी फेर दिया।
छात्र और कर्मचारी की परेशानी
- बाढ़ के कारण कक्षाएं बंद
- परीक्षाओं में बाधा
- मानसिक तनाव और असमंजस
क्या सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है?
यह सिर्फ दीवार न बनने की बात नहीं है, बल्कि अनदेखी का नतीजा है। प्रशासन कब जागेगा? क्या छात्रों की आवाज़ इतनी कमजोर है?
हमारी मांग
प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग करें। #बाढ़_से_पहले_दीवार_बनो और #तिलकामांझीविवि_बचाओ जैसे हैशटैग के साथ सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को ट्रेंड करवाएं।
आपकी भूमिका
अगर आप बदलाव चाहते हैं, तो इस पोस्ट को शेयर करें, अपने सोशल मीडिया पर डालें और प्रशासन को टैग करें।
“अब वक्त है अनदेखी को खत्म करने का — वरना यह पानी हमारे भविष्य को बहा ले जाएगा।”
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