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शनिवार, 18 जुलाई 2026

Shravni Mela 2026: सुल्तानगंज से बाबा धाम तक शुरू होगी आस्था की सबसे बड़ी यात्रा | Bhagalpur Now

 

🚩 श्रावणी मेला 2026: सुल्तानगंज से बाबा धाम तक

 गूंजेगा 'बोल बम', लाखों कांवरियों के स्वागत की

 तैयारी

Published by: Bhagalpur Now
Category: Bhagalpur News / Shravni Mela 2026


Shravni Mela 2026 at Sultanganj Ganga Ghat Kanwariya walking to Baba Dham Baba Baidyanath Temple Devghar Bol Bam Yatra 2026



श्रावणी मेला 2026: आस्था का सबसे बड़ा महापर्व

सावन का महीना शुरू होते ही बिहार के सुल्तानगंज और झारखंड के देवघर में श्रद्धा और भक्ति का अनोखा माहौल बन जाता है। श्रावणी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का उत्सव है।

हर साल लाखों कांवरिया सुल्तानगंज में उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरकर लगभग 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं।

श्रावणी मेला 2026 को लेकर प्रशासन, स्थानीय लोग और व्यापारियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उम्मीद है कि इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पवित्र यात्रा में शामिल होंगे।


सुल्तानगंज क्यों है खास?

भारत में गंगा नदी अधिकांश स्थानों पर दक्षिण दिशा में बहती है, लेकिन सुल्तानगंज में गंगा उत्तर दिशा की ओर बहती है। इसे उत्तरवाहिनी गंगा कहा जाता है, जिसे धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है।

इसी कारण देशभर से श्रद्धालु यहां जल भरने आते हैं और उसी जल से बाबा बैद्यनाथ का अभिषेक करते हैं।

Shravni Mela 2026 at Sultanganj Ganga Ghat Kanwariya walking to Baba Dham Baba Baidyanath Temple Devghar Bol Bam Yatra 2026



कांवर यात्रा का मार्ग

श्रद्धालु जल लेकर पैदल यात्रा शुरू करते हैं।

मुख्य मार्ग:

  • सुल्तानगंज
  • असरगंज
  • तारापुर
  • कटोरिया
  • चंदन
  • सरवान
  • देवघर

पूरे मार्ग पर "बोल बम" और "हर हर महादेव" के जयकारे गूंजते रहते हैं।


प्रशासन की तैयारियां

श्रावणी मेला 2026 को सफल बनाने के लिए कई व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

सुरक्षा

  • CCTV कैमरे
  • ड्रोन निगरानी
  • अतिरिक्त पुलिस बल
  • महिला सुरक्षा टीम
  • कंट्रोल रूम

स्वास्थ्य

  • मेडिकल कैंप
  • एम्बुलेंस
  • प्राथमिक उपचार केंद्र
  • डॉक्टरों की तैनाती

सुविधा

  • पीने का पानी
  • मोबाइल टॉयलेट
  • विश्राम स्थल
  • प्रकाश व्यवस्था
  • सफाई व्यवस्था

भागलपुर को होगा फायदा

श्रावणी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि आर्थिक गतिविधियों का भी बड़ा केंद्र है।

इस दौरान:

  • होटल
  • लॉज
  • धर्मशाला
  • रेस्टोरेंट
  • पूजा सामग्री
  • कपड़े
  • फल
  • मिठाई
  • परिवहन

सभी क्षेत्रों में कारोबार बढ़ जाता है।


व्यापारियों की बढ़ी उम्मीद

स्थानीय दुकानदारों का मानना है कि इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के आने से कारोबार में अच्छी बढ़ोतरी होगी।

पूजा सामग्री, कांवर, गमछा, चप्पल, पानी की बोतल और अन्य जरूरी सामान की मांग बढ़ने की उम्मीद है।


श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुझाव

यदि आप श्रावणी मेला 2026 में जा रहे हैं तो:

✅ आरामदायक जूते पहनें

✅ पर्याप्त पानी रखें

✅ पहचान पत्र साथ रखें

✅ प्रशासन के निर्देशों का पालन करें

✅ भीड़ में बच्चों का विशेष ध्यान रखें

✅ मौसम की जानकारी लेते रहें


पर्यावरण संरक्षण भी जरूरी

श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि यात्रा के दौरान प्लास्टिक का उपयोग कम करें।

कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालें।

गंगा नदी को स्वच्छ रखना सभी की जिम्मेदारी है।


क्या है बाबा बैद्यनाथ धाम का महत्व?

बाबा बैद्यनाथ धाम को भगवान शिव के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में माना जाता है।

मान्यता है कि यहां सच्चे मन से पूजा करने पर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

इसी कारण हर साल लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।


यात्रा से पहले क्या करें?

  • मौसम की जानकारी लें
  • मोबाइल पूरी तरह चार्ज रखें
  • परिवार को यात्रा की जानकारी दें
  • जरूरत की दवाइयां साथ रखें
  • हल्का सामान लेकर चलें

निष्कर्ष

श्रावणी मेला 2026 एक बार फिर श्रद्धा, सेवा और भक्ति का अद्भुत संगम बनने जा रहा है। सुल्तानगंज से बाबा धाम तक की यात्रा लाखों श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभव होती है। यदि आप भी इस यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए यात्रा करें और स्वच्छता बनाए रखने में अपना योगदान दें।


FAQs

Q. श्रावणी मेला 2026 कहां लगता है?

सुल्तानगंज (बिहार) से देवघर (झारखंड) तक।

Q. कांवर यात्रा कितने किलोमीटर की होती है?

लगभग 105 किलोमीटर।

Q. बाबा धाम किस राज्य में है?

झारखंड के देवघर जिले में।

Q. सुल्तानगंज क्यों प्रसिद्ध है?

यहां उत्तरवाहिनी गंगा बहती है।

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